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सेना को मिले जांबाज: अग्निवीर पासिंग आउट परेड में दिखा देशभक्ति का जज्बा, जोशीले अंदाज में दी सलामी

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सेना को मिले जांबाज: अग्निवीर पासिंग आउट परेड में दिखा देशभक्ति का जज्बा, जोशीले अंदाज में दी सलामी

जबलपुर (उमा शंकर मिश्रा)
जबलपुर मिलिट्री स्टेशन के इतिहास में 05 अगस्त 2023 का दिन बेहद ही महत्वपूर्ण बना, जब भारतीय सेना के जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर और ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर के विशिष्ट अग्निवीरों का पहला बैच पास आउट हुआ । जबलपुर मिलिट्री स्टेशन के सभी प्रशिक्षण केंद्रों ने भारतीय सेना को कुल 2028 अग्निवीर दिए, जिसमे जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के 840, 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर के 877 और ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर के 311 अग्निवीर है ।पासिंग आउट परेड, युवा अग्निवीरों के दृढ़ संकल्प और समर्पण का प्रतीक है। इन्होंने अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्रों पर 31 सप्ताह का कठिन और गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने गीता, कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब और बाइबिल जैसे पवित्र ग्रंथों पर हाथ रखकर अपनी जान की परवाह किये बिना, देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने की शपथ ली। ट्रेनिंग के दौरान कड़ी मेहनत, उच्चतम अनुशासन और समर्पण के लिए मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम को देखने के लिए इन अग्निवीर योद्धाओं के माता-पिता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शारीरिक फिटनेस, सामरिक रणनीति, एवं कुशल दक्षता का प्रदर्शन करते हुए व्यापक एवं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण केंद्रों से पास आउट होने के बाद ये अग्निवीर अब अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए दुश्मन की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए, भारत की उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी सीमाओ पर तैनात होकर अपनी-अपनी युनिटों में शामिल होंगे । इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में ब्रिगेडियर राजेश शर्मा (कमांडेंट, जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर), ब्रिगेडियर ललित शर्मा, शौर्य चक्र, सेना मेडल (कमांडेंट, ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर)और ब्रिगेडियर राहुल मलिक (कमांडेंट ,1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर) ने अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्रों की समीक्षा की।अग्निवीरों के गौरवान्वित माता-पिता इस पासिंग आउट परेड समारोह के साक्षी बने और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें ‘गौरव पदक’ से सम्मानित किया गया। अग्निवीरों का जोश उनके संबंधित रेजिमेंटल ‘युद्ध घोष’ और ‘भारत माता की जय’ के जयकारे से ड्रिल ग्राउंड गूंज उठा । अग्निवीरों के जोश और उत्साह की स्पष्ट अभिव्यक्ति ने दर्शकों के बीच यह विश्वास जागृत किया कि राष्ट्र सुरक्षित हाथों में है।

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